बन्दौं रघुपति करुना निधान Bandau Raghupati Karuna Nidhan Lyrics

M Prajapat
0
बन्दौं रघुपति करुना निधान Bandau Raghupati Karuna Nidhan Lyrics
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित - बन्दौं रघुपति करुना निधान 

Shri Rama Raghupati Ki Aarti श्री राम रघुपति आरती - गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित विनय पत्रिका से पद - बंदौ रघुपति करुणा - निधान । यह फिल्म तुलसीदास (1954) के शीर्षक ट्रैक का कवर संस्करण है, जिसे मूल रूप से मोहम्मद रफी साहब ने गाया था।

बन्दौं रघुपति करुना निधान Bandau Raghupati Karuna Nidhan Lyrics

श्री राम रघुपति आरती

बन्दौं रघुपति करुना निधान।
जाते छूटै भव-भेद ग्यान॥

रघुबन्स-कुमुद-सुखप्रद निसेस।
सेवत पद-पन्कज अज-महेस॥

निज भक्त-हृदय पाथोज-भृन्ग।
लावन्यबपुष अगनित अनन्ग॥

अति प्रबल मोह-तम-मारतण्ड।
अग्यान-गहन- पावक-प्रचण्ड॥

अभिमान-सिन्धु-कुम्भज उदार।
सुररन्जन, भन्जन भूमिभार॥

रागादि- सर्पगन पन्नगारि।
कन्दर्प-नाग-मृगपति, मुरारि॥

भव-जलधि-पोत चरनारबिन्द।
जानकी-रवन आनन्द कन्द॥

हनुमन्त प्रेम बापी मराल।
निष्काम कामधुक गो दयाल॥

त्रैलोक-तिलक, गुनगहन राम।
कह तुलसिदास बिश्राम-धाम॥

Video: Bandau Raghupati Karuna Nidhan


एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!