सूर्य देव मंत्र Surya Dev Mantra

सूर्य देव मंत्र Surya Dev Mantra - रविवार का दिन सूर्य देवता को समर्पित है। हिन्दू धर्म में  सूर्य देव को जीवन, स्वास्थ्य एवं शक्ति के देवता माना जाता हैं। इनकी कृपा ही है जिससे धरती पर जीवन बरकरार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य की आराधना अगर उदय होते हुए की जाए तो उसका फल बेहद कल्याणकारी होता है और ऐसा भी कहा जाता है कि सूर्य की उपासना से फल जल्दी मिलता है। सूर्य देव की आराधना सिर्फ साधु-संतों ने ही नहीं बल्कि प्रभु श्री राम ने भी की थी। वहीं, कई लोग डूबते सूर्य को भी अर्ध्य देते हैं। । 

सूर्य देव मंत्र Surya Dev Mantra

1. ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।

2. ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।

3. ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।

4. ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।

5. ऊं घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:।

6. ॐ सूर्याय नम:।

7. ॐ घृणि सूर्याय नम:।

सूर्य बीज मंत्र -

"ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नम:"
अर्थ- मैं महान सूर्य देव को उनकी दिव्य कृपा के लिए संबोधित करता हूं।

सूर्य मंत्र
नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोग निवारिणे आयुररोग्य मैस्वैर्यं देहि देवः जगत्पते ||

अर्थ - ब्रह्मांड के शासक सूर्य देव, आप सभी रोगों को दूर करने वाले हैं। मैं आपको नमन करता हूं और कृपया अपने भक्तों को लंबी उम्र, स्वास्थ्य और धन प्राप्ति का आशीर्वाद दें।

सूर्य नमस्कार मंत्र -

ॐ मित्राय नमः।
अर्थ- हम प्रार्थना करते हैं, जो सभी के अनुकूल हो।

ॐ रवये नमः।
अर्थ- हम उज्ज्वल और दीप्तिमान की प्रार्थना करते हैं।

ॐ सूर्याय नमः।
अर्थ- हम उनसे प्रार्थना करते हैं जो जीवन से अंधकार को दूर करते हैं हमारे किए गए कर्म के लिए जिम्मेदार हैं।

ॐ भानवे नमः।
अर्थ-हम उनसे प्रार्थना करते हैं, जो हमारे जीवन को प्रकाशमान बनाते हैं।

ॐ खगाय नमः।
अर्थ- हम उससे प्रार्थना करते हैं जो सर्वव्यापी है, जो आकाश में घूमता है।

ॐ पुषणे नमः।
अर्थ- हम पोषण और शक्ति देने वाले से प्रार्थना करते हैं।

ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।
अर्थ- हम उनके लिए प्रार्थना करते हैं जिनके पास सुनहरे रंग हैं।

ॐ मरीचये नमः।
अर्थ- हम हमारे जीवन को प्रकाशमय बनाने वाले से प्रार्थना करते हैं।

ॐ आदित्याय नमः।
अर्थ- हम ब्रह्मांडीय दिव्य माता अदिति के पुत्र से प्रार्थना करते हैं।

ॐ सविरे नमः।
अर्थ- हम जीवन देने वाले से प्रार्थना करते हैं।

ॐ अर्काय नमः।
अर्थ- हम यश और कीर्ति देने वोले से प्रार्थना करते हैं।

ॐ भास्कराय नमः।
अर्थ- हम ज्ञान और प्रकाश देने वाले से प्रार्थना करते हैं।

सूर्य गायत्री मंत्र -
।। ॐ भास्कराय विद्महे महादुत्याथिकराया धीमहि तनमो आदित्य प्रचोदयात् ।।

अर्थ- मुझे दिन के निर्माता सूर्य देव का ध्यान करने दो, मुझे उच्च बुद्धि दो और भगवान सूर्य को मेरे मन को रोशन करने दो।

।। ॐ आदित्याय विद्महे मार्त्तण्डाय धीमहि तन्न: सूर्य प्रचोदयात् ।।

अर्थ-मैं हजारों किरणों वाले सूर्य देव का ध्यान करता हूं। सूर्य देव मेरी बुद्धि को प्रकाशित करें।

।। ॐ सप्त-तुरंगाय विद्महे सहस्र-किरणाय धीमहि तन्नो रविः प्रचोदयात् ।।

अर्थ- जो सात घोड़ों के रथ पर सवार हो (सात रंग जो वर्णक्रम बनाते हैं) और जो हजारों किरणें पृथ्वी तक पहुँचती हैं, मैं आपको नमन करता हूँ।

आदित्य हृदयं मंत्र -
।। आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्

जयावहं जपं नित्यमक्षयं परमं शिवम्।।

अर्थ- यह पवित्र मंत्र आदित्य हृदयं है जो सभी शत्रुओं का नाश करता है। इस मंत्र का नियमित जाप करने से आप विजयी होते हैं और जिंदगी में स्थायी सुख मिलता है।

इन शक्तिशाली मंत्रों में से जिन मंत्रों का आप सही से उच्चारण कर सकते हैं और सही से याद कर सकते हैं उस मंत्र का जाप रविवार के दिन जरूर करे। सूर्यदेव आपकी सभी मनोकामना पूर्ण करेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रतिदिन सूर्य पूजन (सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत होकर सूर्य को जल चढ़ाना) और सूर्य मंत्र का 108 बार जाप करने से मनुष्य को लाभ जरूर मिलता है।

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