दादी का सच्चा दरबार महिमा मां की अपरंपार Dadi Ka Sachcha Darbaar Lyrics

M Prajapat
0
दादी का सच्चा दरबार महिमा मां की अपरंपार Dadi Ka Sachcha Darbaar Lyrics

दादी का सच्चा दरबार महिमा मां की अपरंपार

दादी का सच्चा दरबार
महिमा मां की अपरंपार
मां की शरण जो आन परा
दादी जी ने किया उपकार
उसके खुले करम ओह (×2)
ये मेरी दादी की दया
संकट हुऐ की खत्म
ये मेरी दादी की दया

दादी ने जद थाम लिया,
उसका हर एक काम किया (×2)
दुनिया से उम्मीद नहीं
खाता है दादी का दिया
मिट गए सभी भरम
ये मेरी दादी की दया

नींदों में मां आती है
सिर पे हाथ फिराती है (×2)
कहने की दरकार नहीं,
बिन मांगे दे जाती है (×2)
भर गये सभी ज़ख्म
ये मेरी दादी की दया

किरपा मां की सदा रहे
आना जाना लगा रहे
स्वाति का अरमान यही
मैं उनकी वह मेरी रहे
हर्ष रुके ना कदम
यह मेरी दादी की कृपा

Video: Dadi Ka Sachcha Darbaar by Komal Deora 

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!