मुझको कहाँ तू ढूंढें | Mujhko Kaha Tu Dhunde Lyrics

M Prajapat
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Mujhko Kaha Tu Dhunde Re Bande Bhajan Lyrics in Hindi:

बिना जतन मिलता नहीं, वो प्यारा महबूब
बिना गुरु की कृपा से, वो मारग है दूर

।। कबीर जी के भजन ।।

मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे, मैं हूँ तेरे पास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे, मैं हूँ तेरे पास में।

ना तीरथ में ना मूरत में,
ना एकांत निवास में,
ना मंदिर मे, ना मस्जिद में,
ना काशी कैलाश में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में।

नर काहे भटके 
घूम घूम 
तेरे राम है घट में 
रूम रूम 
नाचे काल की धुन पर 
झूम झूम 
मत झूमे ...... 
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में।

ना मैं जप में, ना मैं तप में,
ना व्रत उपवास में,
ना मैं किरिया करम में रहता,
नहीं योग संन्यास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में।

ना प्राण में, ना मैं पिंड में,
नहीं ब्रह्मण्ड आकाश में,
ना मैं भरकुटी भंवर गुफा में
नहीं स्वांशों की स्वांश में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में।

नर काहे भटके 
घूम घूम 
तेरे राम है घट में 
रूम रूम 
नाचे काल की धुन पर 
झूम झूम 
मत झूमे ...... 
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में।

खोजी होए तुरत मिल जाऊं
पल भर की ही तलाश में,
कहे कबीर सुनो भाई साधो,
मैं तो हूँ विशवास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में।

नर काहे भटके 
घूम घूम 
तेरे राम है घट में 
रूम रूम 
नाचे काल की धुन पर 
झूम झूम 
मत झूमे ...... 
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में,
मुझको कहाँ तू ढूंढें बन्दे,
मैं हूँ तेरे पास में।

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