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| मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन - शिव भजन |
मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन - शिव भजन (Matrihin Pitrihin Shiv Bhajan Lyrics)
मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन
मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन गृहहीन उदासीन शिव त्रिपुरारी हैं !
शीशगंग भालचन्द्र नेत्रलाल कण्ठव्याल भस्मयुक्त नग्नतन जटाजूटधारी हैं !
भूतेश्वर नागेश्वर डमरू-त्रिशूलधर अशुचि का घर बैल उनकी सवारी है !
सत्यम् शिवम् सुन्दरम् कहे उसे वेद उमापति शिव जी ही जग अधिकारी हैं !!
गौरीपति शिवापति सतीपति शक्तिपति पुष्टिपति तुष्टिपति जगपति आप हैं !
गलेनाग पीतेभांग रूपरूद्र अतिक्रुद्ध फूलफल आजकल वर्तमान आप हैं !!
धूपदीप नैवेद्य जल भी चढ़ावे देव देवों के महादेव रुद्रदेव आप हैं !
योगीनाथ शम्भूनाथ आदिनाथ भूतनाथ भोलेनाथ सोमनाथ सबके साथ आप हैं !!
चन्द्रनाथ पशुनाथ उमानाथ नागनाथ विश्वनाथ कालनाथ भक्त ये बुलाते हैं!
नीलकण्ठ शितिकण्ठ महेश्वर दिगम्बर सर्वप्रिय शिवाप्रिय आप कहाते हैं !!
सदाशिव महाशिव विश्वशिव रुद्रशिव परमशिव उग्रशिव पुराण बताते हैं !
कृपानिधि करुणानिधि शांतिनिधि ज्ञाननिधि गुणनिधि दयानिधि भोले जाने जाते हैं !!
चंद्रधारी गंगाधारी रुद्रधारी नागधारी भस्मधारी जटाधारी रूप ये निराले हैं !
अविनाशी कैलाशी पापनाशी भयनाशी कालनाशी दु:खनाशी सुख देने वाले हैं !!
भक्त सभी राजकवि तेरा गान करें ध्यान भगवन त्रिभुवन के रखवाले हैं !
घटवासी कणवासी शम्भू तुम पिनाकी दुष्ट मारे संत तारे शिव भोले भाले हैं !!
मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन -शिव भजन | Matrihin Pitrihin Shiv Bhajan | Sawan Special
Credits:Singer: Amrita Chaturvedi Upadhyay
Lyrics: Munendra Prem Ji
Music: Rohit Kumar (Bobby)
