कन्या पूजन करो जी | Kanya Poojan Karo Ji Lyrics | देवी भजन

M Prajapat
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कन्या पूजन करो जी देवी भजन के लिए माता रानी और कन्या पूजन का सुंदर 3D भक्तिमय दृश्य।
कन्या पूजन करो जी – माता रानी का भक्तिमय देवी भजन

“कन्या पूजन करो जी” माता रानी की भक्ति और कन्या पूजन की महिमा से जुड़ा एक भावपूर्ण देवी भजन है। इसे लखबीर सिंह लक्खा ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है। 

अगर आप कन्या पूजन के गाने लिरिक्स खोज रहे हैं, तो “कन्या पूजन करो जी” एक सुंदर भक्तिमय देवी भजन है, जिसे नवरात्रि और कन्या पूजन के अवसर पर सुना जा सकता है।

Kanya Poojan Karo Ji Lyrics in Hindi

करो-करो जी, कन्या पूजन करो-करो जी, 
करो-करो जी, कन्या पूजन करो-करो जी।

सुख-सम्पत्ति, ऐश्वर्य दान दे, 
विजय-रुप यश-फल महान दे, 
मन से ध्यान धरो जी। 
करो-करो जी, कन्या पूजन करो-करो जी॥ 

आठ तरह की कन्याओं का पूजन महा सुखकारी है, 
जिनकी आयु इस तरह है-
पहली कन्या तीन बरस की, जिसकी महिमा भारी है। 
श्रद्धा-भाव से इन्हें बुलाकर आसन पर बैठाओ,
मोक्ष, अर्थ और काम इन्हीं की दया-दृष्टि से पाओ
करो-करो जी...

दूजी कन्या ‘कल्याणी’ के नाम से जानी जाती है,
चार बरस की प्यारी-प्यारी, विद्या-विजय दिलाती है।
पाँच बरस की कन्या सुन्दर, इसके चरण छुलाओ,
रोग नष्ट हो जाएँगे, सब जीवन भर सुख पाओ।
करो-करो जी...

जिसकी आयु छः वर्ष की, वो कन्या तो न्यारी है,
साक्षात काली का रुप है, शत्रु पे जो भारी है।
सात बरस की कन्या पावन, जिसके घर में आई,
लखा उसके घर में लक्ष्मी स्वयं है चलकर आई।
करो-करो जी...

आठ बरस की जो है कन्या, भक्तों के मन भाती है,
जिस घर जाती उस घर के आँगन में सुख बरसाती है,
नव-दुर्गा का रूप वो कन्या, आयु नौ वर्ष वाली,
होती सिद्ध साधना उसकी, जिसने लगन लगा ली
करो-करो जी...

जिस कन्या की उम्र दस बरस, दुःख भक्तों के टालै,
नहीं भटकने दे जीवन में, हर पल यही संभाले
इनका पूजन करके जो भी भोजन इन्हें कराए,
कहता लख्खा, सुनो बेधड़क-सुख-सम्पत्ति वो पाए
करो-करो जी...


Video: Kanya Poojan Karo Ji | कन्या पूजन करो जी | Teri Jo Bhi Jagaye Jot | Lakhbir Singh Lakkha

Devi Bhajan: Kanya Poojan Karo Ji
Singer: Lakhbir Singh Lakkha
Music Director: Durga-Natraj 
Lyricist: Pappu Bedhadak
Album: Teri Jo Bhi Jagaye Jot
Music Label: T-Series

Frequently Asked Questions

Q1: “करो-करो जी, कन्या पूजन” भजन में 6 वर्ष और 9 वर्ष की कन्या को किस देवी का स्वरूप बताया गया है?

A1: भजन के अनुसार, 6 वर्ष की कन्या को माता काली (कालिका) का स्वरूप माना गया है, जबकि 9 वर्ष की कन्या को नवदुर्गा का रूप बताया गया है। भजन में इन कन्याओं के पूजन को विशेष फलदायी बताया गया है।

Q2: कन्या पूजन के लिए कितनी उम्र की कन्याओं का उल्लेख इस भजन में किया गया है?

A2: इस भजन में 3 वर्ष से 10 वर्ष तक की कन्याओं के पूजन का उल्लेख मिलता है। भजन में अलग-अलग आयु की कन्याओं को देवी के विभिन्न स्वरूपों से जोड़ा गया है और उनके पूजन को शुभ एवं कल्याणकारी बताया गया है।

Q3: 10 वर्ष की कन्या के पूजन का क्या महत्व बताया गया है?

A3: भजन में 10 वर्ष की कन्या को ‘सुभद्रा’ स्वरूप बताया गया है। इसके अनुसार, इस स्वरूप की कन्या का पूजन करने से भक्त के जीवन के दुख और परेशानियाँ दूर होने तथा उसे सही मार्ग पर बनाए रखने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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