Karagre Vaste Lakshmi Lyrics: सुबह हथेलियों के दर्शन का मंत्र और अर्थ

M Prajapat
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Karagre Vaste Lakshmi Lyrics: सुबह हथेलियों के दर्शन का मंत्र और अर्थ
Karagre Vaste Lakshmi Lyrics

Karagre Vaste Lakshmi Lyrics: सुबह हथेलियों के दर्शन का मंत्र और अर्थ

हिन्दू धर्म में प्रातःकाल (सुबह) उठते ही ईश्वर का स्मरण करने की परंपरा सदियों पुरानी है। कहा जाता है कि सुबह की शुरुआत जैसी होती है, पूरा दिन वैसा ही बीतता है। शास्त्रों के अनुसार, नींद खुलने पर सबसे पहले अपनी हथेलियों के दर्शन करने चाहिए और इस पवित्र मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।

आइए Bhakti Lyrics.com पर जानते हैं इस श्लोक के बोल और उसका विस्तृत अर्थ।

कराग्रे वसते लक्ष्मी मंत्र (Karagre Vaste Lakshmi Mantra)

  कराग्रे वसते लक्ष्मीः, करमध्ये सरस्वती।
  करमूले तू गोविंदा, प्रभाते दर्शनं मर्म॥

मंत्र का हिंदी अर्थ (Meaning):

  • कराग्रे वसते लक्ष्मीः: हमारी हथेलियों के अग्र भाग (उंगलियों के सिरों) में धन की देवी माता लक्ष्मी का वास होता है।
  • करमध्ये सरस्वती: हथेलियों के मध्य भाग (बीच में) में विद्या और कला की देवी माता सरस्वती विराजमान हैं।
  • करमूले तू गोविंदा: हथेलियों के मूल भाग (कलाई के पास) में जगत के पालनहार भगवान विष्णु (गोविन्द) का वास है।
  • प्रभाते दर्शनं मर्म: इसलिए मैं प्रातःकाल अपनी इन हथेलियों के दर्शन करता/करती हूँ।
जरूर पढ़ें: सुबह उठते ही जमीन पर पैर रखने से पहले कौन सा मंत्र बोला जाता है? पूरी जानकारी के लिए पढ़ें हमारा यह लेख:

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