![]() |
| खोल आडो खोल भवानी |
खोल आडो खोल भवानी भजन का भाव और अर्थ:
इस भजन में भक्त माता रानी (भवानी) से विनती करते हैं कि वे अपने दरबार के कपाट और कृपा के द्वार खोलें, ताकि भक्तों को उनके दर्शन प्राप्त हो सकें। यह गीत माता के प्रति अगाध श्रद्धा, उनकी महिमा का गुणगान और उनसे संकट दूर करने की प्रार्थना पर आधारित है। ये भजन मारवाड़ी भाषा में गाया गया है, जिसे नागणेच्या माता की आरती ओर भजन दोनों स्वरूप में इसे गाया जाता है। इस आरती को राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकार चंपे खान ने गाया है।
।। मॉं नागणेच्या आरती ।।
खोल आडो खोल भवानी (Khol Aado khol bhawani Lyrics)
म्हारी भवानी वास करीमेरे घट के पर्दे खोल।रचना प्रवास करोहे मईया सुख शबद बोल।देवा में एक देवी बड़ीतो मोटी नागणेच्ची मातहाथ जोड़ विनती करूं।हे मईया रखियो मोरी लाज।।हे मईया रखियो मोरी लाज....
रखियो मोरी लाज, शरण में आयो तेरी
हो.. मोटी म माई, लाज रख दी जी मोरी।।
लाज रख दी जी मोरी
खोल आडो खोल म्हारी, सिंह री सवारी ए।
खोल आडी खोल म्हारी, हे बाखल री धन्यारी देवी
खोल आडी खोल म्हारी, शेर री असवारी रे
आयोड़ा भक्ता ने दर्शन, देवो म्हारा माता जी
आयोड़ा संता ने दर्शन, देवो जोग माया ए
खोल आडी खोल म्हारी, हे बाखल....।।
हे अरे. सूरज सामु मईया, बणयो थारो देवरों
ध्वजा रे परूखे, ऐसी मान म्हारी माता की
ध्वजा रे परूखे, ऐसी मान जोग माया ए।।
खोल आडी खोल म्हारी नागणेच्ची मां..
खोल आडी खोल म्हारी, हे बाखल....।।
हा. ऐ. शाम सुबह ऐ मईया, होवे थारी आरती
शाम सुबह देवी, होवे थारी आरती
जगमग ज्योत सवेरे म्हारी माता की
जगमग ज्योत सवेरे जोग माया ए..
खोल आडो खोल म्हारी, सिंह री...।।
अरे डोल नगाड़ा मईया,
अरे डोल नगाड़ा देवी, नौबत बाजे मां
अरे डोल नगाड़ा मईया, नौबत बाजे ऐ
बाजे बाजे झालर री, ऐ झंकार म्हारी मईया ऐ
बाजे बाजे झालर री, ऐ झंकार जोग माया ऐ
आयोड़ा भक्ता ने दर्शन, देवो म्हारा माता जी।
आयोड़ा संता ने दर्शन, देवो जोग माया ए
खोल आडी खोल म्हारी, हे बाखल....।।
अरे.. कलकत्ते री काली मईया, नागणेच्ची मां..
थारो पडली वालों भेरू पूज आयो जोग माया ऐ
पडली वालों भेरू पूज आयो जोग माया ऐ
खोल आडी खोल म्हारी, हे बाखल....।।
अरे. देशणोक री पूजी म्हे तो, बिलाड़े री आई मां
देशणोक री पूजी म्हे तो, बिलाड़े री आई मां
पडीयाल्णो वालों भेरू पूज आयो जोग माया ऐ
मंडोर वाल्णो भेरू पूज आयो जोग माया ऐ
खोल आडी खोल म्हारी, हे बाखल....।।
अरे. भगत मंडली मईया, थारा गुण गावे ऐ
भगत मंडल देवी, थारा जस गावे ऐ
चंपे खान ने शरणा में, ओ.. राख म्हारी मईया ऐ
चंपे खान ने शरणा में, ओ.. राख म्हारी देवी ऐ
आयोड़ा भक्ता ने दर्शन, देवो म्हारा माता जी।
आयोड़ा संता ने दर्शन, देवो जोग माया ए
खोल आडी खोल म्हारी, हे बाखल....।।

